Mudawa (treatment)

In Meri Gazal | No Comments

दर्दे-इश्क की दवा है कोई?
मतलब दवा का समझाए कोई?

दर पे बैठे हुए तकते रहे पहरों-पहर
इस इन्तजार में कि आता है कोई?

ख्वाबों का इक महल बनाया हमने
मकीं होना था किसे, मकीं हुआ कोई?

सासों के थमने से ही मौत नहीं होती
मेरे कातिल को ये बतलाये कोई?

मेरे क़त्ल के बाद की उसने ज़फा से तौबा
ऐसे कातिल का भला क्या करे कोई?

वफ़ा, ईमान, इंसानियत, जिनसे-किताब हैं जहाँ
ऐसी दुनिया का भला क्या करे कोई?

नाम को लिखना तेरे देता है मजा विसाल सा
इश्क में जूनून की हद बतलाये कोई?

इब्ने-मरियम भी दे नहीं सकती मरहम
ऐसे “फिगार” का मुदावा क्या करे कोई?
 

figaar // March 7th, 2008

Share a piece of your mind

XHTML: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <code> <em> <i> <strike> <strong>